कश्मीर विश्वविद्यालय ने इंटेल इंडिया के साथ एक अहम साझेदारी की है, जिसके तहत दो विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनसे यह संस्थान भारत में AI शिक्षा की क्रांति का अगुवा बन रहा है। इस सहयोग में ‘कृषि के लिए AI’ और ‘भविष्य के कार्यबल के लिए AI’ कार्यक्रम शामिल हैं, जो एक नई AI कौशल प्रयोगशाला द्वारा समर्थित हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को वैश्विक व्यवसाय चुनौतियों से निपटने के लिए एक नई दृष्टि देना है।
यह रणनीतिक समझौता इंटेल की AI प्रतिभा विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और कृषि एवं कार्यबल विकास जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से समाधान प्रदान करता है।
वैश्विक व्यवसाय में महत्व
इस साझेदारी का समय नई बाजार वास्तविकताओं को दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर व्यवसाय AI एकीकरण की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ रही है। इंटेल का डिजिटल रेडीनेस प्रोग्राम छात्रों को AI समाधान लागू करने की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।
प्रो. निलूफर खान, कश्मीर विश्वविद्यालय की उप-कुलपति, ने कहा: “यह सहयोग हमारे छात्रों को नई तकनीकों से जुड़ने और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण समाधान बनाने में मदद करेगा।”
यह पहल खासतौर पर खाद्य सुरक्षा और कृषि आधुनिकीकरण पर केंद्रित है। AI अपनाने से उत्पादकता में 30% तक का उछाल संभव है। विकासशील बाजारों की बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।
रणनीतिक बाजार प्रभाव
इंटेल के डिजिटल रेडीनेस प्रोग्राम की राष्ट्रीय प्रबंधक श्रीमती शतरूपा दासगुप्ता ने कहा कि इस सहयोग में नैतिक AI पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इससे AI शासन और नियामक अनुपालन संबंधी चिंताओं को दूर किया जा सकेगा।
साझेदारी के लाभ:
- समर्पित AI कौशल प्रयोगशाला के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण
- कृषि एवं कार्यबल विकास में अनुप्रयोगों पर ध्यान
- इंटेल की डिजिटल रेडीनेस पारिस्थितिकी से एकीकरण
- शैक्षणिक अनुसंधान और उद्योग की जरूरतों का मेल
प्रो. अइजाज़ अहमद वानी ने खाद्य सुरक्षा पर AI की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। वैश्विक एगटेक निवेश $8 बिलियन से अधिक हो चुका है।
व्यवसायिक अग्रणी क्या देखें
कश्मीर विश्वविद्यालय का मॉडल दिखाता है कि शैक्षणिक-औद्योगिक साझेदारियां AI प्रतिभा विकास को तेजी से बढ़ा सकती हैं। कंपनियों को ऐसे कार्यक्रमों पर नजर रखनी चाहिए जो AI तैयार प्रतिभा विकसित कर रहे हैं।
प्रो. नसीर इकबाल ने रोजगार पर स्पष्ट किया: “ये पाठ्यक्रम छात्रों को उच्च-स्तरीय तकनीकी क्षमता के साथ प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।”
AI प्रतिभा की कमी से जूझ रही कंपनियों के लिए ये कार्यक्रम भविष्य की भर्ती का रास्ता दिखाते हैं।
यह प्रयास AI प्रशिक्षण के साथ इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों का समेकन करता है, छात्रों को तकनीकी चुनौतियों के समाधान के लिए प्रेरित करता है।
कश्मीर से आगे विस्तार
दिल्ली में MoU पर हस्ताक्षर में नीति समर्थन को भी रेखांकित किया गया। अधिकारी, जैसे उच्च शिक्षा सचिव के संजय मूर्थी, इंटेल नेतृत्व के साथ इस पहल का समर्थन करते हैं।
प्रो. नसीर इकबाल ने कहा: “डिजिटल बदलाव के लिए पहले सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकारियों का क्षमता निर्माण आवश्यक है।”
यह साझेदारी अब राष्ट्रीय AI कार्यबल विकास का मॉडल बनती जा रही है।
इंटेल और कश्मीर विश्वविद्यालय कार्यबल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की योजनाएं बना रहे हैं।
जोखिम और विचार
साझेदारी के अवसरों के साथ कुछ चुनौतियां भी हैं, जैसे नैतिक AI का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना। किसी कार्यक्रम की सफलता उद्योग संरेखण और नौकरी बाजार की मांग पर निर्भर करती है।
वैश्विक परिणाम
AI शिक्षा और कार्यबल विकास में यह साझेदारी एक वैश्विक ट्रेंड का संकेत है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए यह विकासशील बाजारों में विशेषज्ञता का लाभ उठाने का मौका है।
यह साझेदारी खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि क्षेत्रों में कार्य कर रही कंपनियों को महत्वपूर्ण लाभ प्रदान कर सकती है।